चमोली- घुड़साल गाँव के डॉ जयदेव पंवार ने रजत पदक के साथ पीजी न्यूरोलॉजी उपाधि प्राप्त कर किया क्षेत्र का नाम रोशन…….

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@हिंवाली न्यूज़ ब्यूरो (28 मार्च 2025)

जनपद चमोली के घुड़साल गांव के डॉक्टर जयदेव सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह पंवार को रजत पदक ( सिल्वर मेडल ) के साथ पीजी न्यूरोलॉजी में उपाधि प्रदान की गई ।

बुधवार को हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति राज्यपाल उत्तराखंड श्री लेफ्टनेट जनरल गुरमीत सिंह की गरिमामई उपस्थिति में कुलपति श्री ओमकार सिंह ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की तथा रजत पदक से सम्मानित किया ।

उनकी इस उपलब्धि पर श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रदेय श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज जी और सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

 

हेमंती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह बुधवार को सेलाकुंई स्थित विश्विद्यालय कैंपस में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने छात्र-छात्राओं को डिग्रियां एवं मेडल प्रदान किए। दीक्षांत समारोह में कुल 2418 छात्र छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 57 छात्र-छात्राओं को पदक से सम्मानित किया गया। सप्तम दीक्षांत समारोह में सीआईएमएस एंड आर कुंआवाला देहरादून के कुल 24 छात्र-छात्राओं पदकों से सम्मानित किया गया। जिसमें 7 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, 8 छात्र-छात्राओं को रजत जबकि 9 छात्र-छात्राओं को कांस्य पदक मिला। राज्यपाल के हाथों पदक पाकर सभी छात्र-छात्राएँ खुशी से झूम उठे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं कॉलेज मैनजमेंट के सहयोग को दिया है। गुरुवार को पदक विजेताओं का कॉलेज परिसर में भव्य स्वागत किया गया। संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सभी पदक विजेताओं को अपनी शुभकामनाएं दी और उनकी कड़ी मेहनत और सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पदक केवल आपकी मेहनत और लगन का परिणाम नहीं है, बल्कि यह आपके अंदर की अदम्य इच्छाशक्ति और दृढ़ता का प्रतीक है। आपने जो भी मुश्किलें आईं, चाहे वे अकादमिक हों या व्यक्तिगत, आपने उन्हें पार किया और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। आपने जो ज्ञान प्राप्त किया है, वह आपको सिर्फ एक अच्छा पेशेवर नहीं बनाएगा, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनाएगा। हम चाहते हैं कि आप जीवन में अपनी सफलता को साझा करें, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता न करें। आज आपके सामने एक नया अध्याय शुरू होने वाला है। यह सही समय है, जहां आप अपने सपनों को पंख दें और दुनिया को यह दिखा दें कि आप क्या कर सकते हैं। सीआईएमएस परिवार हमेशा आपके साथ रहेगा और हम हमेशा आपके उज्जवल भविष्य के लिए प्रार्थना करेंगे। इस दौरान पदक विजेताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और अपनी इस उपलब्धि के लिए कॉलेज के चेयरमैन, शिक्षक एवं कर्मचारियों का धन्यवाद अदा किया। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि उनके शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और कॉलेज के प्रोत्साहन का भी अहम हिस्सा है। छात्रों ने अपने सीनियरों और सहपाठियों को भी इस सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहयोगपूर्ण वातावरण ने उनकी प्रगति को गति दी।

इन्हें मिले पदक

स्वर्ण पदक – रागिनी बीएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलाजी, खुशी सब्बरवाल बीएससी एमएलटी, अनीश कुमार सिंह बीएमआरआईटी, मोहम्मद दिलदार एमएससी नर्सिंग (मेडिकल सर्जिकल), अशोक सी. (एमपीटी न्यूरोलॉजी), अंकिता देवरानी एमपीटी (आर्थोपिडिक्स), शीतल कुमारी एमपीटी (स्पोर्टस)।

रजत पदक

जागृति पाठक बीएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलाजी, अंकिता नेगी बीएससी एमएलटी, मोनिका बहुगुणा बीएमआरआईटी, जयदेव सिंह एमपीटी (न्यूरोलॉजी), अनीता एमपीटी (आर्थोपिडिक्स), मीनाक्षी एमपीटी (स्पोर्टस), माला देवी एमपीटी (स्पोर्ट्स), अनिर्बान पात्रा एमपीटी (स्पोर्ट्स)।

कांस्य पदक

अकांक्षा चौधरी बीएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलाजी, दिव्या बीएससी एमएलटी, विवेक कुशवाहा बीएमआरआईटी, मीनाक्षी नेगी पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, रवीना बिष्ट एमएससी नर्सिंग (कम्युनिटी हैल्थ), कुमारी दिव्या एसएससी नर्सिंग (चाइल्ड हैल्थ), सावित्री एमपीटी (आर्थोपेडिक्स) रश्मि एमपीटी (आर्थोपेडिक्स), शिवांगी नेगी एमपीटी (आर्थोपेडिक्स)

डॉक्टर जयदेव सिंह वर्तमान में श्री महंत इंद्रेश अस्पताल देहरादून में कार्यरत हैं

उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय दोनों संस्थान के चेयरमैन फेकल्टी एवं स्टाफ को दिया ।

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