जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा से किये पांच सवाल

बिहार ब्यूरो

पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री व विधानपार्षद नीरज कुमार ने बिहार में नगर निकाय चुनाव पर कोर्ट की रोक के बाद भाजपा पर निशाना साधा है और पांच सवाल भाजपा नेतृत्व से पूछे है । उन्होंने कहा, एक तरफ जहाँ बिहार में 2006-07 से ही पंचायती राज व नगर निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, दलित व समाज के सारे तबके की महिलाओं को आरक्षण की सुविधा देकर बिहार के खेत खलिहानों में समाजिक शांति स्‍थापित किया, सत्ता में रहते हुए मार्च 2021 के माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्देश पर हाय तौबा मचाने वाली पार्टी भाजपा अगस्‍त सितम्‍बर 2021 में बिहार में हुए पंचायत चुनाव के समय जुबान खामोश क्‍यों रखी ?

बिहार भाजपा के पिछड़े वर्ग के तथाकथित नेताओं से अनुरोध है कि बगैर भय के 11 अक्‍टूबर को सि‍ताब दियारा में गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक सवाल पूछें कि एक तरफ हमारी पार्टी एक देश एक कानून की बात करती है दूसरी ओर भाजपा शासित  गुजरात में पिछड़े वर्ग के हितों के साथ क्‍यों खिलवाड़ किया गया एवं भाजपा शासित प्रदेश असम और त्रिपुरा में पिछड़े वर्ग के आरक्षण पर अब तक निर्णय क्‍यों नहीं ?

भाजपा से सवाल –

  1. क्‍या गुजरात भारत वर्ष में है ?
  2. क्‍या प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी एवं गृह मंत्री अमित शाह जी के गृह राज्‍य गुजरात में स्‍थानीय स्‍वशासन के चुनाव के संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा 4 मार्च 2021 को पिछड़ा वर्ग के लिए आयोग बनाने की बात प्रभावी नहीं था ?
  3. क्‍या यह सही है कि माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के 4 मार्च 2021 के निर्देश के बावजूद अक्‍टूबर 2021 में गुजरात के गाँधी नगर के नगर निगम का एवं दिसंम्‍बर 2021 में पंचायत चुनाव बगैर पिछड़ा वर्ग आयोग बनाए चुनाव संपादित हुआ ?
  4. क्‍या यह सही है कि गुजरात में गाँधी नगर के नगर निगम चुनाव व पंचायत चुनाव संपादित होने के बाद 22 जुलाई 2022 को स्‍थानीय स्‍वशासन में पिछड़े वर्ग के आरक्षण के लिए गुजरात में पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया गया ?
  5. क्‍या यह सही है कि भाजपा शासित प्रदेश असम और त्रिपुरा में अब तक पिछड़े वर्ग के आरक्षण की घोषणा नहीं की गई है ?

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