बल्लियों के सहारे धौली गंगा पार कर शीतकालीन प्रवास की ओर रुख करने को मजबूर तोलमा गांव के लोग

@हिंवाली न्यूज़ ब्यूरो (24 नवम्बर 2022)
जोशीमठ(चमोली):- जोशीमठ प्रखंड के धौली गंगा घाटी का ईको पर्यटन से जुड़ा तोलमा गांव विश्व धरोहर नंदा देवी नेशनल पार्क के बफर जॉन में स्थित मेजबान भोटिया जनजाति बहुल्य गांव है. तोलमा गाँव की कुल आबादी 429 है जिसमें 74 परिवार तोलमा गांव में ही रहते हैं। अब जबकि सीमांत के नीति माणा घाटी में शीतकाल शुरू हो चुका है ऐसे में सीमांत तोलमा गांव के ग्रामीण भी अपने शीतकालीन प्रवास सुराईथोठा से आगे मलारी रोड पर निचले इलाके में धौली गंगा के दूसरे छोर पर गुरमा ग्वाड की ओर लोटने लगे हैै। लेकिन यहां पर धौली गंगा के ऊपर स्थाई पूल न होने से ग्रामीणों ने कुछ इस तरह से जान जोखिम में डाल कर लकडी का पूल तैयार किया है। इस अस्थाई पूल से ग्रामीण अपने शीतकालन प्रवास को पहुचते है। तोलमा गांव में शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी व कडाके की ठंड होती है तो यहां के परिवार अपने शीतकालीन पडाव गुरमा ग्वाड का रुख करते है। लेकिन प्रशासन की और से ग्रामीणों को आवाजाही करने हेतु किसी तरह के वैकल्पिक पुल की व्यवस्था नहीं की गई है जिसके चलते ग्रामीण इस तरह बीच नदी में बल्लियों के सहारे खपचिया बांध कर अपने शीतकालीन प्रवास की और जाने को मजबूर है,ऐसे पुलों पर कभी भी बड़ा हादसा घट सकता है लेकिन सरकार तो हादसे का इंतजार करती है, सीमांत तोलमा गांव के लोगों की फरियाद कोन सुनेगा या तब यहां मीडिया ओर प्रशासन की नजर पड़ेगी जब यहां कोई बड़ा हादसा होगा।