संस्कृत महाविद्यालय ज्योतिर्मठ में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन…..

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@हिंवाली न्यूज़ ब्यूरो (15 मई 2026)

जोशीमठ। श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्योतिर्मठ , राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ तथा इतिहास संकलन समिति उत्तराखंड प्रान्त के संयुक्त तत्त्वावधान में ज्योतिर्मठ एवं बदरीनाथ धाम की ऐतिहासिकता एवं माहात्म्य विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय ज्योतिर्मठ के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ बालमुकुन्द पाण्डेय, राष्ट्रीय संगठन मन्त्री, अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने अपने उद्बोधन में ज्योतिर्मठ के नामकरण एवं इसकी दार्शनिक पृष्ठभूमि का सोद्धरण विवेचन कर बदरीनाथ आदि धामों का पुराणों में व्याप्त महात्म्य का निरूपण किया। उन्होनें अपने उद्बोधन में अपनी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर बल देते हुए धामों की ऐतिहासिकता से भारत के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया तथा वेद एवं वेदांगों की उपयोगिता का निरूपण किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व धर्माधिकारी बदरीनाथ धाम श्री भुवन चन्द्र उनियाल जी ने वेदव्यास द्वारा रचित पुराणों के अनुसार बदरीनाथ के माहात्म्य तथा नर-नारायण की कथा के माध्यम से धाम की ऐतिहासिकता को परिभाषित किया। कार्यक्रम के संरक्षक पद्माकर मिश्र, सचिव संस्कृत शिक्षा परिषद् ने अपने उद्बोधन में संस्कृत शिक्षा की वर्तमान स्थिति तथा इसके विकास के उपायों को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मनसाराम मैदुली सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा, चमोली ने अपने सारभूत उद्बोधन में शंकराचार्य की तपस्थली ज्योतिर्मठ एवं बदरीनाथ के माहात्म्य को व्याख्यायित किया। कार्यक्रम के सह संरक्षक के रूप में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के प्रभारी प्राचार्य डॉ गोपाल कृष्ण उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य द्रवेश्वर प्रसाद थपलियाल श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्योतिर्मठ ने की, *कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ बाल मुकुन्द पाण्डेय द्वारा महाविद्यालय के श्री सतीश नेगी अवर सहायक, श्री सुभाष परमार कार्यालय सहायक, श्रीमती अनिता कपरूवान कार्यालय सहायक एवं श्री मुन्न लाल स्वच्छक को महाविद्यालय में कर्तव्यनिष्ठ उत्तम कार्य करने पर पुरुस्कृत किया गया है।*

तथा सभी अतिथियों के आगमनार्थ धन्यवाद ज्ञापित किया। अतिथियों का स्वागत डॉ आशीष भट्ट, सहायक प्रवक्ता, संस्कृत महाविद्यालय तथा संचालन श्री नवीन पन्त राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री अरविन्द पन्त, डा चरण सिंह, श्री नन्दन सिंह रावत, कार्यालय प्रभारी श्री रणजीत सिंह, श्री जगदीश जोशी, श्री धीरेन्द्र सिंह, डॉ रणजीत सिंह,श्री प्रदीप पुरोहित, शेषनारायण भट्ट, दाताराम बड़थ्वाल, डॉ मनीष देवराडी, डॉ सावित्री रावत आदि ने अभूतपूर्व सहयोग किया। कार्यक्रम में डॉ अभिनव तिवारी, प्रान्त अध्यक्ष, इतिहास संकलन योजना, की विशेष उपस्थिति रही।

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