बद्रीनाथ धाम में कपाट बंद होने के बाद आश्रम परिसर में दुकानें तोड़ने का किया विरोध……

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@हिंवाली न्यूज़ ब्यूरो (29 नवंबर 2025)

गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने के बाद शंकराचार्य आश्रम परिसर में स्थित दुकानों को तोड़ दिया गया। इसको लेकर दुकान संचालकों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियम विरुद्ध की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

 

दुकान संचालकों ने कहा कि वे कई वर्षों से ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज के मौखिक सहमति व निर्देश पर आश्रम परिसर में दुकानें संचालित कर रहे थे। आश्रम प्रबंधक दो-तीन वर्षों से उन्हें हटाने का दबाव बना रहा था। 25 नंवबर को बदरीनाथ के कपाट बंद होने पर वे दुकान बंद कर लौट आए।

आरोप लगाया कि 27 नवंबर को आश्रम प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दुकानों के शटर तोड़ दिए और अंदर का सामान हटवा दिया। दुकानदारों को एक ऑडियो संदेश से सूचित किया गया। कहा कि कपाट बंद होने के बाद धाम में किसी तरह के निर्माण या ध्वस्तीकरण की अनुमति नहीं दी जाती है।

 

ऐसे में यह कार्रवाई पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। प्रभावित व्यापारी श्यामलाल पंचपुरी, राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी, कम सिंह नेगी, रामप्रसाद उनियाल, चंद्रमोहन सिंह, टीका सिंह चौहान समेत अन्य संचालको ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है। साथ ही मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सभी दुकानों को उनकी मूल स्थिति में लौटाने की मांग की है।

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