प्रदेश प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को सौंपा 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, वेतन वृद्धि और अधिकार बढ़ाने की मांग…..

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@हिंवाली न्यूज़ ब्यूरो (03 मई 2026)

देहरादूनः प्रदेश प्रधान संगठन की अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ग्राम प्रधानों से संबंधित 10 प्रमुख मांगों को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया है। शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्राम प्रधानों के वेतन, अधिकारों और कार्यों के विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।

 

मांगों का विस्तृत विवरण —

 

संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

 

ग्राम प्रधानों का मासिक वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए।

 

जी.आर.एस.वाई. (ग्राम रोजगार योजना) को ऑफ-लाइन संचालित किया जाए।

 

राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त की धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार बढ़ाने की व्यवस्था की जाए। ग्राम पंचायतों के अंतर्गत विभिन्न विभागों के कार्यों के लिए कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र ग्राम प्रधानों से लिए जाने की प्रक्रिया निर्धारित की जाए।

 

10 लाख रुपये तक के विकास कार्यों को ग्राम सभा से करवाने का प्रावधान किया जाए।

 

जिला योजना में स्वीकृत होने वाली योजनाओं को ग्राम सभा की खुली बैठक के प्रस्तावों से ही अंतिम स्वीकृति मिले और ग्राम प्रधानों को जिला योजना की बैठकों में आमंत्रित किया जाए।

 

पंचायत राज अधिनियम के तहत 29 विभागों के कार्यों को ग्राम प्रधानों के अंतर्गत लाया जाए।

 

विधायक और सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधानों के लिए भी ‘प्रधान निधि’ की व्यवस्था की जाए, ताकि आपदा, आगजनी जैसी आपातकालीन समस्याओं से त्वरित गति से निपटा जा सके।

 

ग्राम प्रधानों के स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा की सुविधा प्रदान की जाए।

 

प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख पदाधिकारी

 

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रधान संगठन की अध्यक्ष योगिता रावत, प्रकाश माहारा, पंकज पोखरियाल, सलाहकार भास्कर संभाल, संरक्षक विनोद बिजलवान, देवेंद्र भंडारी, मनोहर आर्य, राजेंद्र बिष्ट, कुमाऊँ मंडल अध्यक्ष हेमराज बिष्ट, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र रावत, उपाध्यक्ष सुधीर रतुड़ी, जसपाल सिंह, रुकम रावत, चरण सिंह चौहान, महिला उपाध्यक्ष सीमा पाठक, पुष्पा चौहान, सुभागा देवी, प्रदेश संगठन मंत्री शुभम मल्ल, प्रदेश महामंत्री कृपाल सिंह, राकेश मोहन, चंद्र शेखर गडकोटी, विकास पंत सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

भविष्य की दिशा-

 

यह ज्ञापन ग्राम प्रधानों की शक्तियों और जिम्मेदारियों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन मांगों के पूरा होने से स्थानीय निकायों को मजबूती मिलेगी और जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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